आज युपी और बिहार का हर नागरिक यही बोल रहा है। क्या करती है राज्य सरकार और भारत सरकार ? हर नागरिक का बड़ा सवाल।
आज युपी और बिहार का हर नागरिक यही बोल रहा है। क्या करती है राज्य सरकार और भारत सरकार ? हर नागरिक का बड़ा सवाल।

संवाददाता शोएब म्यानुंर
कभी गुजरात में मारे जाते हैं, कभी महाराष्ट्र में ठुकाई होती है। बिहार और उत्तर प्रदेश वाले मार खाते हैं क्योंकि हमारे नेता बुझदिल हैं। गुजरात और महाराष्ट्र को दोष देने से पहले लालू यादव से, कल्याण सिंह जी की पार्टी से, राजनाथ सिंह से, मुलायम जी की पार्टी से, नीतीश कुमार से, मायावती से और अखिलेश यादव से पूछिए कि हमारे राज्य के लोग बाहर मजदूर बनकर क्यों जाते हैं???
क्या नहीं था बिहार और यूपी के पास? हमारे पास दिमाग है, हमारे पास ताकत है, हम मेहनत कर सकते हैं, UPSC से लेकर प्राइवेट नौकरी तक हर जगह यूपी बिहार का बोलबाला है लेकिन हमारे राज्य में नौकरी नहीं है। इसकी जिम्मेदारी महाराष्ट्र और गुजरात के नेताओं की नहीं हमारे राज्य के उन नेताओं की है जो सिर्फ जनता को चूसते रहे। राज्य को विकसित बनाने वाला रोडमैप सामने न ला पाए।
यूपी और बिहार के पास राम है, कृष्ण है, बुद्ध है, महावीर जैन है, काशी है, अयोध्या है, मथुरा है, गया है, ताजमहल है, नालंदा था, गंगा है, यमुना है। फिर हम पीछे क्यों रह गए ? ये सवाल हमारे नेताओं से पूछिए और पूरे अधिकार से छाती पर चढ़कर पूछिये। क्यों १० हज़ार रुपए के लिए हमारे भाई दूसरे राज्यों में जाकर मजदूरी करते हैं? गाली सुनते हैं, अपमान का घूंट पीते हैं, आखिर किसकी वजह से ?
अगर हमारे राज्य के नेताओं और जनता की नीयत ठीक होती और जनता जातिवाद से उठकर विकास पर वोट करती सरकार से सवाल करती तो आज यू पी, बिहार की हालत ऐसी नहीं होती, देश को आधा दर्जन से ज़्यादा प्रधानमंत्री दे चुका यूपी बिहार इस तरह अपमानित न हो रहा होता।
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