बीएमसी ने समुद्र से 2000 मीट्रिक टन गणपति मूर्तियों के अवशेष बरामद किए, वैज्ञानिक निपटान के लिए शिल्पाता संयंत्र में भेजे
बीएमसी ने समुद्र से 2000 मीट्रिक टन गणपति मूर्तियों के अवशेष बरामद किए, वैज्ञानिक निपटान के लिए शिल्पाता संयंत्र में भेजे………..

बीएमसी ने विसर्जित गणपति प्रतिमाओं के लगभग 2000 मीट्रिक टन अवशेष प्राप्त किए हैं, जिन्हें वैज्ञानिक निपटान के लिए ठाणे जिले के शिलफाटा स्थित निर्माण एवं मलबा (सीएंडडी) पुनर्चक्रण संयंत्र में ले जाया जा रहा है। 10 दिवसीय गणेशोत्सव 6 सितंबर को संपन्न हुआ और प्रतिमाओं का विसर्जन 7 सितंबर की सुबह तक जारी रहा। बीएमसी के आंकड़ों के अनुसार, इस गणेश उत्सव के दौरान कुल 1,97,114 प्रतिमाओं का विसर्जन किया गया, जिनमें 1,81,375 घरेलू प्रतिमाएँ, 10,148 सार्वजनिक गणेश प्रतिमाएँ और 5,591 गौरी व हरतालिका की प्रतिमाएँ शामिल थीं।
बॉम्बे उच्च न्यायालय के निर्देशों के अनुसार, नगर निकाय को प्रत्येक विसर्जन के दिन 24 घंटे के भीतर विसर्जित मूर्तियों की शेष सामग्री को हटाना था और पर्यावरण के अनुकूल विसर्जन सुनिश्चित करने के लिए उनका वैज्ञानिक तरीके से निपटान करना था। न्यायालय ने छह फीट से कम ऊँचाई वाली सभी मूर्तियों को कृत्रिम तालाबों में विसर्जित करने का आदेश दिया था। बीएमसी ने पूरे मुंबई में 288 से ज़्यादा कृत्रिम तालाब बनवाए थे।
एक बीएमसी अधिकारी ने बताया, “मूर्तियों के अवशेषों को अदालत के आदेशानुसार निकाला गया है। इन्हें शिल्पाता के सी एंड डी रीसाइक्लिंग प्लांट में ले जाया जाएगा, जहाँ इनका वैज्ञानिक तरीके से निपटान किया जाएगा। वैज्ञानिक तरीके से निपटान की प्रक्रिया राज्य सरकार द्वारा गठित विशेषज्ञ समिति के दिशानिर्देशों के अनुसार होगी।”
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