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बहराइच: ₹2 लाख की उधारी का विवाद गहराया, ग्राम प्रधान का नाम घसीटे जाने पर पीड़ित ने दी सफाई

Fariyad Ali | | views
बहराइच: ₹2 लाख की उधारी का विवाद गहराया, ग्राम प्रधान का नाम घसीटे जाने पर पीड़ित ने दी सफाई

बहराइच: ₹2 लाख की उधारी का विवाद गहराया, ग्राम प्रधान का नाम घसीटे जाने पर पीड़ित ने दी सफाई


स्रोत: शिकायतकर्ता के अनुसार


बहराइच। हुजूरपुर थाना क्षेत्र के ग्राम बड़ागांव में ₹2 लाख की उधारी से जुड़ा विवाद अब चर्चा का विषय बना हुआ है। सोशल मीडिया पर मामले को लेकर विभिन्न दावे किए जा रहे हैं। इस बीच शिकायतकर्ता पक्ष ने सामने आकर अपना पक्ष रखा है और कहा है कि पूरे विवाद में ग्राम प्रधान राम सिंह चौहान का कोई संबंध नहीं है। उनका आरोप है कि कुछ लोग जानबूझकर ग्राम प्रधान की छवि धूमिल करने के उद्देश्य से उनका नाम इस मामले में जोड़ रहे हैं।


शिकायतकर्ता नरेंद्र कुमार सिंह के अनुसार, उन्होंने 02 मई 2025 को गांव निवासी रिजवान खान को आवश्यक कार्य के लिए ₹2 लाख नकद उधार दिए थे। उनका कहना है कि तय समय पर रकम वापस न मिलने पर गांव के सम्मानित लोगों की मौजूदगी में पंचायत हुई। पंचायत के दौरान ₹1 लाख वापस किए गए, जबकि शेष राशि तीन महीने के भीतर लौटाने का आश्वासन दिया गया। बाद में ऑनलाइन माध्यम से भी कुछ भुगतान किया गया, लेकिन शिकायतकर्ता के अनुसार अब भी करीब ₹56 हजार की राशि बकाया है।


शिकायतकर्ता का आरोप है कि 23 जुलाई 2026 को जब वह बकाया रकम मांगने पहुंचे तो उनके साथ गाली-गलौज, मारपीट और जान से मारने की धमकी दी गई। इसके बाद उन्होंने थाना हुजूरपुर में लिखित शिकायत दी। पुलिस ने शिकायत के आधार पर भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की संबंधित धाराओं में एफआईआर दर्ज कर मामले की जांच शुरू कर दी है। उपलब्ध अभिलेखों के अनुसार एफआईआर 24 जुलाई 2026 को दर्ज की गई।


सोशल मीडिया पर ग्राम प्रधान राम सिंह चौहान के संबंध में लगाए जा रहे आरोपों पर शिकायतकर्ता पक्ष ने कहा कि कोटे के नाम पर हर महीने ₹5000 दिए जाने जैसी बातें पूरी तरह निराधार और भ्रामक हैं। उनका कहना है कि आर्थिक लेन-देन केवल संबंधित पक्षों के बीच हुआ था और ग्राम प्रधान का इस विवाद से कोई लेना-देना नहीं है।


फिलहाल पुलिस मामले की जांच कर रही है। दोनों पक्षों के बयान, उपलब्ध साक्ष्यों और अन्य तथ्यों के आधार पर जांच पूरी होने के बाद ही वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।


अस्वीकरण: यह समाचार शिकायतकर्ता/आवेदक पक्ष के दावों, उपलब्ध दस्तावेजों तथा दर्ज एफआईआर के आधार पर तैयार किया गया है। दूसरे पक्ष का संस्करण तथा पुलिस जांच और न्यायालय का अंतिम निर्णय आना शेष है।

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