बहराइच के युवक ने 18–19 हजार फर्जी आधार बनाए, यूपी STF की बड़ी कार्रवाई

बहराइच के युवक ने 18–19 हजार फर्जी आधार बनाए, यूपी STF की बड़ी कार्रवाई
संवाददाता – फरियाद अली
बहराइच जिले से सामने आया एक सनसनीखेज मामला न सिर्फ प्रशासन बल्कि सुरक्षा एजेंसियों के लिए भी गंभीर चिंता का विषय बन गया है। उत्तर प्रदेश STF ने 28 वर्षीय प्रमोद निषाद को गिरफ्तार कर एक बड़े फर्जी आधार कार्ड रैकेट का खुलासा किया है। आरोप है कि अभियुक्त ने बेहद कम लागत में करीब 18 से 19 हजार फर्जी आधार कार्ड तैयार कराए और उन्हें अलग-अलग स्थानों पर सप्लाई किया।STF की प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि यह रैकेट लंबे समय से सक्रिय था, लेकिन तकनीकी दक्षता और जुगाड़ आधारित नेटवर्क के चलते इसकी भनक एजेंसियों को नहीं लग पाई। जिस काम को सरकारी प्रक्रियाओं में वर्षों लग जाते हैं, उसे अभियुक्त ने अवैध तरीकों से बेहद कम समय और खर्च में अंजाम दे दिया।सूत्रों के मुताबिक, इस पूरे फर्जीवाड़े में आधार से जुड़ी संवेदनशील जानकारियों का दुरुपयोग हुआ है, जिससे राष्ट्रीय सुरक्षा, सरकारी योजनाओं और पहचान प्रणाली पर सीधा खतरा पैदा होता है। STF अब यह भी जांच कर रही है कि इतने बड़े पैमाने पर फर्जी आधार किन-किन कामों में इस्तेमाल किए गए—क्या इनमें बैंक खाते, सिम कार्ड, सरकारी लाभ या आपराधिक गतिविधियां भी शामिल हैं।इस मामले ने एक बार फिर उस बयान की याद दिला दी, जिसमें प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देश में प्रतिभा की कमी न होने की बात कही थी। लेकिन विशेषज्ञों का कहना है कि जब यही प्रतिभा गलत दिशा में चली जाए, तो वह देश के लिए उपलब्धि नहीं, बल्कि खतरा बन जाती है।सोशल मीडिया पर लोग इस पूरे प्रकरण को व्यंग्य के तौर पर बॉलीवुड फिल्मों से जोड़ रहे हैं, लेकिन हकीकत यह है कि ऐसा अपराध किसी फिल्मी कहानी नहीं, बल्कि गंभीर अपराध की श्रेणी में आता है। STF का कहना है कि पूरे नेटवर्क की परत-दर-परत जांच की जा रही है और इसमें शामिल अन्य लोगों पर भी सख्त कार्रवाई तय है।प्रशासन और सुरक्षा एजेंसियों ने साफ किया है कि फर्जी पहचान पत्र बनाना देशद्रोह से कम नहीं, और ऐसे मामलों में किसी भी स्तर पर नरमी नहीं बरती जाएगी।
Share this story