बहराइच ने पेश की गंगा-जमुनी तहज़ीब की मिसाल, मंदिर में दिखा सामाजिक सौहार्द का अनोखा संगम
ब्यूरो रिपोर्ट फरियाद अली
बहराइच में फिर लिखी गई गंगा-जमुनी तहज़ीब की नई इबारत? क्या सदियों पुराने मंदिर में उमड़ी आस्था ने भाईचारे की ऐसी मिसाल पेश की, जिसकी चर्चा अब हर तरफ हो रही है? तो देखिए यह खास रिपोर्ट...
बहराइच नगर के थाना दरगाह शरीफ क्षेत्र अंतर्गत मोहल्ला सालारगंज में स्थित सैकड़ों वर्ष पुराने शिव-पार्वती मंदिर में भक्ति, आस्था और सामाजिक सौहार्द का अद्भुत संगम देखने को मिला। मंदिर को कब्ज़ा मुक्त कराए जाने के बाद यहां पूरे वैदिक मंत्रोच्चार और धार्मिक रीति-रिवाजों के साथ भव्य पूजा-अर्चना एवं सुंदरकांड पाठ का आयोजन किया गया, जिसमें श्रद्धालुओं का जनसैलाब उमड़ पड़ा।
मंदिर परिसर हर-हर महादेव और जय श्रीराम के जयघोष से गूंज उठा। बाबा मंगल दास जी के सानिध्य में आयोजित इस धार्मिक कार्यक्रम में सभी समुदायों के लोगों ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया और समाज में एकता, प्रेम और भाईचारे का मजबूत संदेश दिया। सुंदरकांड पाठ, भजन-कीर्तन और पूजा-अर्चना के दौरान पूरा वातावरण भक्तिमय बना रहा। दूर-दराज़ से पहुंचे श्रद्धालुओं ने भगवान शिव और माता पार्वती के दर्शन कर सुख, शांति और समृद्धि की कामना की।
इस आयोजन की सबसे खास बात रही सामाजिक सौहार्द की झलक, जहां विभिन्न समुदायों के लोगों ने एक साथ मौजूद रहकर बहराइच की गंगा-जमुनी संस्कृति को और मजबूत किया। वहीं कार्यक्रम को सफल बनाने में पुलिस प्रशासन की भूमिका भी बेहद सराहनीय रही। स्थानीय लोगों ने पुलिस की मुस्तैदी और संवेदनशील व्यवस्था की खुलकर प्रशंसा की।
बाबा मंगल दास जी ने कहा कि धार्मिक स्थलों की गरिमा और उनकी ऐतिहासिक पहचान को सुरक्षित रखना समाज की सामूहिक जिम्मेदारी है। उन्होंने सभी श्रद्धालुओं, सहयोगियों और प्रशासनिक अधिकारियों का आभार व्यक्त किया।
इस अवसर पर परवेज़ खान, संजय, संतोष कुमार, संजय सिंह, आम आदमी पार्टी के जिलाध्यक्ष फ़िरोज़ हैदर सहित बड़ी संख्या में गणमान्य नागरिक, सामाजिक कार्यकर्ता और क्षेत्रवासी मौजूद रहे।
आस्था, भाईचारे और सामाजिक एकता का यह भव्य आयोजन अब पूरे बहराइच में चर्चा का विषय बना हुआ है और लोगों का मानना है कि यह ऐतिहासिक कार्यक्रम आने वाले वर्षों तक याद रखा जाएगा।

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