बहराइच में मौत के सौदागर! — बिना रजिस्ट्रेशन चल रहे फर्जी अस्पताल, स्वास्थ्य विभाग बना मूकदर्शक
बहराइच में मौत के सौदागर! — बिना रजिस्ट्रेशन चल रहे फर्जी अस्पताल, स्वास्थ्य विभाग बना मूकदर्शक

संवाददाता — फरीयाद अली,
बहराइच। जिले में स्वास्थ्य सेवाओं की हालत लगातार बिगड़ती जा रही है। सरकारी नियमों को दरकिनार कर दर्जनों फर्जी अस्पताल खुलेआम चल रहे हैं, जो मरीजों की जिंदगी से खिलवाड़ कर रहे हैं। कंनौजिया बाग स्थित जनता सेवा हॉस्पिटल इसका ताजा उदाहरण है, जहां बिना किसी पंजीकरण और योग्य डॉक्टर के इलाज का धंधा खुलेआम फल-फूल रहा है।
सूत्रों के अनुसार, जिले के विभिन्न इलाकों में छोटे-बड़े निजी अस्पताल और क्लीनिक ऐसे ही फर्जी तरीके से संचालित हो रहे हैं। न तो इनके पास रजिस्ट्रेशन है, न योग्य डॉक्टर, फिर भी इलाज के नाम पर गरीब और अनजान मरीजों की जेब खाली की जा रही है और उनकी जान से खिलवाड़ किया जा रहा है।
सबसे चिंताजनक बात यह है कि स्वास्थ्य विभाग और जिला प्रशासन इस पूरे मामले में चुप्पी साधे हुए हैं। कई बार शिकायतों के बावजूद न तो जांच की गई, न कोई ठोस कार्रवाई। सूत्र बताते हैं कि फर्जी अस्पतालों के खिलाफ जब भी मामला उठता है, तो “ऊपरी दबाव” में जांच को ठंडे बस्ते में डाल दिया जाता है।
स्थानीय पत्रकारों और समाजसेवियों ने जिलाधिकारी और मुख्य चिकित्सा अधिकारी से इन अवैध अस्पतालों पर त्वरित कार्रवाई की मांग की है। उनका कहना है कि जब तक ऐसे “मौत के सौदागर” अस्पतालों पर शिकंजा नहीं कसा जाएगा, तब तक बहराइच के गरीब मरीज असुरक्षित रहेंगे।
जनता में सवाल उठ रहा है —
“जब जिला प्रशासन को सब पता है, तो कार्रवाई क्यों नहीं होती?”
“क्या किसी बड़े खेल के चलते विभाग चुप है?”
“आखिर कब तक गरीब मरीजों की जिंदगी के साथ खिलवाड़ होता रहेगा?”
अगर स्वास्थ्य विभाग ने जल्द ही कार्रवाई नहीं की, तो यह लापरवाही किसी बड़े जन आंदोलन का कारण बन सकती है। सवाल अब यह है — आखिर किसके संरक्षण में चल रहे हैं ये ‘मौत के अस्पताल’?
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