बहराइच पुलिस लाइन में जे.टी.सी./आर.टी.सी. प्रशिक्षण की तैयारियों का निरीक्षण: आईजी देवीपाटन रेंज ने दिए दिशा-निर्देश

रिपोर्ट – फरियाद अली | बहराइच, उत्तर प्रदेश
देवीपाटन परिक्षेत्र के पुलिस महानिरीक्षक (आईजी) अमित पाठक ने बहराइच पुलिस लाइन परिसर का दौरा कर जे.टी.सी./आर.टी.सी. 2025 के तहत चल रही प्रशिक्षण व्यवस्थाओं की समीक्षा की। इस दौरान उन्होंने प्रशिक्षण केंद्र की तैयारियों, मूलभूत सुविधाओं और व्यवस्थाओं का गहन निरीक्षण किया और संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।
आईजी अमित पाठक ने पुलिस लाइन बहराइच में आयोजित जे.टी.सी. (जूनियर ट्रेनी कॉन्स्टेबल) और आर.टी.सी. (रिक्रूट ट्रेनी कॉन्स्टेबल) प्रशिक्षण कार्यक्रम की व्यापक समीक्षा की। इस प्रशिक्षण सत्र के लिए कुल 1049 पुरुष एवं 600 महिला प्रशिक्षुओं के लिए आवासीय व्यवस्था सुनिश्चित की गई है। आईजी द्वारा निरीक्षण के दौरान पुलिस अधीक्षक बहराइच, अपर पुलिस अधीक्षक नगर व देहात, क्षेत्राधिकारी लाइन सहित अन्य अधिकारी एवं कर्मचारी मौजूद रहे।
निरीक्षण के दौरान आईजी ने प्रशिक्षण से संबंधित सभी प्रमुख स्थलों का भ्रमण किया, जिनमें प्रशिक्षण भवन, लाइब्रेरी, बैरक, मेस, शौचालय, स्नानागार, जिम्नेजियम और क्लासरूम शामिल रहे। उन्होंने प्रत्येक स्थल पर जाकर व्यवस्थाओं का बारीकी से अवलोकन किया और संतोष व्यक्त किया। विशेष रूप से क्लासरूम की व्यवस्थाओं को लेकर उन्होंने सकारात्मक प्रतिक्रिया दी और कहा कि गुणवत्तापूर्ण प्रशिक्षण के लिए शैक्षिक माहौल उपयुक्त बनाया गया है।
इसके अलावा उन्होंने मनोरंजन हॉल, शिक्षण कक्षों, पेयजल आपूर्ति, विद्युत व्यवस्था और साफ-सफाई जैसी मूलभूत सुविधाओं की स्थिति को भी बारीकी से परखा। आईजी ने निर्देश दिए कि प्रशिक्षण के दौरान किसी भी प्रशिक्षु को असुविधा न हो, इसके लिए सभी आवश्यक संसाधनों को समय रहते उपलब्ध कराया जाए और गुणवत्ता में कोई समझौता न किया जाए।
आईजी ने अधिकारियों को यह भी निर्देशित किया कि मेस की गुणवत्ता, भोजन की पौष्टिकता, साफ-सफाई, नियमित स्वास्थ्य परीक्षण आदि का नियमित रूप से मूल्यांकन किया जाए ताकि प्रशिक्षुओं का मानसिक और शारीरिक स्वास्थ्य बेहतर बना रहे। उन्होंने यह सुनिश्चित करने को कहा कि प्रशिक्षण पूरी तरह से अनुशासित, व्यवस्थित और उद्देश्यपूर्ण हो।
इस निरीक्षण के माध्यम से यह स्पष्ट संदेश गया कि देवीपाटन परिक्षेत्र की पुलिस प्रशासन प्रशिक्षण की गुणवत्ता और व्यवस्था को लेकर गंभीर है और प्रशिक्षुओं के हित में हर संभव प्रयास किए जा रहे हैं। प्रशिक्षण केंद्र को एक आदर्श मॉडल के रूप में विकसित करने की दिशा में यह निरीक्षण एक महत्त्वपूर्ण कदम साबित हुआ है।

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