धोराजी | संवाददाता : शोएब मियानूर, मुंबई
राजकोट ज़िले के धोराजी शहर की मशहूर तालीमी इदारा एम. एम. स्कूल के वरिष्ठ और मक़बूल उस्ताद जनाब अमीन सर गोडील साहब ने अपनी ज़िंदगी के क़ीमती 50 साल तालीम व तरबियत की ख़िदमत में गुज़ार कर एक शानदार और क़ाबिल-ए-फ़ख्र मुकाम हासिल किया है। इस मुबारक मौक़े पर उनके पुराने तलबा, अहबाब और शहर की मुख़्तलिफ़ शख्सियात की जानिब से उन्हें दिली मुबारकबाद और नेक तमन्नाओं का इज़हार किया जा रहा है।
अमीन सर गोडील साहब ने आधी सदी तक इल्म की शम्अ रौशन रखते हुए हज़ारों तलबा की ज़िंदगी को संवारने में अहम किरदार अदा किया है। उनकी ख़ुलूस, मेहनत, अख़लाक़ और तालीमी लगन की बदौलत अनगिनत तलबा आज मुख़्तलिफ़ शोबों में कामयाबी की बुलंदियों पर फ़ाइज़ हैं।
इस मौक़े पर उनके पुराने स्टूडेंट और पत्रकार शोएब मियानूर, मुंबई ने अपनी मुबारकबाद पेश करते हुए कहा कि अमीन सर गोडील साहब सिर्फ़ एक उस्ताद नहीं बल्कि एक मुकम्मल इदारा हैं। उन्होंने अपनी पूरी ज़िंदगी नई नस्ल की रहनुमाई और बेहतर मुस्तक़बिल की तामीर में वक़्फ़ कर दी।
इस मौक़े पर अमीन सर गोडील साहब की ख़िदमात को ख़िराज-ए-अक़ीदत पेश करते हुए कुछ अशआर:
"इल्म की रोशनी बाँटते रहे उम्र भर आप,
हर दिल में मोहब्बत और अदब बोते रहे आप।
पचास साल की ये ख़िदमत है बेमिसाल,
उस्तादों में हमेशा सरफ़राज़ कहलाते रहे आप।"
"जो ख़ुद जलकर दूसरों को रौशनी देता है,
वही असली उस्ताद कहलाता है।
पचास साल की आपकी ख़िदमत को सलाम,
आपका हर शागिर्द आप पर नाज़ करता है।"
दुआ है कि अल्लाह तआला अमीन सर गोडील साहब को सेहत, आफ़ियत, खुशहाली और दराज़ी-ए-उम्र अता फ़रमाए तथा उनकी इस बेमिसाल तालीमी ख़िदमत को अपनी बारगाह में क़बूल फ़रमाए।
मुबारकबाद पेश करने वाले:
✍️ पुराना स्टूडेंट एवं पत्रकार
शोएब मियानूर, मुंबई

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