मुंबई, अंधेरी: प्रतिभा किसी पहचान की मोहताज नहीं होती। अंधेरी की 7 वर्षीय ऋषिका राठोड इसका जीता-जागता उदाहरण हैं। हैरानी की बात यह है कि ऋषिका ने आज तक किसी भी प्रोफेशनल डांस क्लास का प्रशिक्षण नहीं लिया है, फिर भी उनके डांस मूव्स, लय और आत्मविश्वास को देखकर लोग दंग रह जाते हैं।
परिवार और स्थानीय लोगों के अनुसार, ऋषिका बचपन से ही संगीत सुनते ही थिरकने लगती हैं। बिना किसी औपचारिक प्रशिक्षण के उन्होंने अपनी प्राकृतिक प्रतिभा और लगन के बल पर डांस में अद्भुत कौशल विकसित किया है। भारत में कई बाल कलाकारों ने कम उम्र में अपनी नृत्य प्रतिभा से पहचान बनाई है, जो यह दर्शाता है कि समर्पण और स्वाभाविक हुनर बच्चों को आगे बढ़ने में मदद करता है।
ऋषिका का आत्मविश्वास, भाव-भंगिमाएं और स्टेज प्रेज़ेंस उनकी उम्र से कहीं अधिक परिपक्व दिखाई देती हैं। परिवार को उम्मीद है कि यदि उन्हें सही मंच और मार्गदर्शन मिले, तो वह भविष्य में मुंबई ही नहीं बल्कि पूरे देश का नाम रोशन कर सकती हैं।
स्थानीय नागरिकों का कहना है कि ऐसे प्रतिभाशाली बच्चों को प्रोत्साहन और अवसर मिलना चाहिए, ताकि उनका हुनर और निखर सके। आज ऋषिका अपनी मासूमियत और बेहतरीन डांस प्रतिभा के कारण आसपास के लोगों के बीच चर्चा का विषय बनी हुई हैं।
"हुनर उम्र का मोहताज नहीं होता, और ऋषिका राठोड इसकी सबसे सुंदर मिसाल हैं।" 💃🌟

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