मै जिंदा हू, कफन ओढ़कर DM ऑफिस पहुंचे इशहाक अली
ब्यूरो रिपोर्ट : फरियाद अली
बस्ती। उत्तर प्रदेश के बस्ती जनपद से प्रशासनिक लापरवाही और भ्रष्टाचार का एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है, जहां एक जिंदा व्यक्ति को सरकारी अभिलेखों में मृत घोषित कर दिया गया। इस अन्याय के खिलाफ अपनी आवाज बुलंद करने के लिए इशहाक अली कफन ओढ़कर जिलाधिकारी कार्यालय पहुंच गए, जिससे पूरे इलाके में हड़कंप मच गया।
सूत्र से जानकारी के अनुसार, इशहाक अली सरकारी अस्पताल में कार्यरत थे और 31 दिसंबर 2019 को सेवानिवृत्त हुए। लेकिन हैरानी की बात यह है कि राजस्व अभिलेखों में उन्हें करीब 7 वर्ष पहले ही मृत दिखा दिया गया था। आरोप है कि संबंधित लेखपाल ने मिलीभगत कर उन्हें कागजों में मृत घोषित करते हुए उनकी पैतृक जमीन एक महिला के नाम दर्ज कर दी।
पीड़ित इशहाक अली पिछले 7 वर्षों से खुद को जिंदा साबित करने के लिए सरकारी दफ्तरों के चक्कर काट रहे हैं, लेकिन अब तक उन्हें न्याय नहीं मिल सका है। प्रशासनिक उदासीनता से परेशान होकर उन्होंने विरोध का अनोखा तरीका अपनाते हुए कफन ओढ़कर हाथ मे पोस्टर लेकर जिसमे लिखा था । मै जिंदा हू, डीएम कार्यालय पहुंचकर न्याय की गुहार लगाई।
इस घटना ने राजस्व विभाग की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। स्थानीय लोगों में भी इस मामले को लेकर आक्रोश है और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की जा रही है।
अब देखना यह होगा कि प्रशासन इस गंभीर प्रकरण में क्या कदम उठाता है और पीड़ित को कब तक न्याय मिल पाता है।

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