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“मेरे बेटे के साथ अन्याय मत करो…” : महाराष्ट्र केसरी सिकंदर शेख के पिता रशीद शेख का बयान

• Sat Nov 01 2025 FAC News Desk

मुन्ना मुजावर

 

पंजाब पुलिस की कार्रवाई पर उठे सवाल, कहा – “सिकंदर ने अपनी मेहनत से सब कुछ कमाया है”

 

पुणे / रिपोर्टर मुन्ना मुजावर

 

महाराष्ट्र के प्रसिद्ध पहलवान और ‘महाराष्ट्र केसरी’ का खिताब जीत चुके सिकंदर शेख की गिरफ्तारी ने पूरे खेल जगत को चौंका दिया है। पंजाब पुलिस ने सिकंदर शेख पर अवैध हथियार रखने और तस्करी से जुड़े मामले में आरोप लगाए हैं। पुलिस के अनुसार, गिरफ्तार तीनों आरोपियों के पास से तीन पिस्तौलें बरामद की गई हैं, और सिकंदर को इस हथियार आपूर्ति श्रृंखला में “बिचौलिए” की भूमिका निभाने का आरोप है।

 

🟠 “न तो पुलिस ने बताया, न किसी और ने” – पिता राशिद शेख

 

सिकंदर के पिता राशिद शेख ने मीडिया से बात करते हुए भावुक अपील की। उन्होंने कहा,

 

> “न तो पुलिस ने और न ही किसी और ने मुझे कोई जानकारी दी। मुझे अपने मोबाइल से पता चला कि सिकंदर गिरफ्तार हो गया है। सिकंदर ने अपनी मेहनत से सब कुछ कमाया है। उसके अलावा हमारा कोई सहारा नहीं है। महाराष्ट्र सिकंदर से प्यार करता है। लेकिन मेरे बेटे के साथ अन्याय मत करो।”

 

 

🟢 “सिकंदर को रोकने की कोशिश की जा रही है”

 

राशिद शेख ने आगे कहा कि उनका बेटा न केवल एक सफल पहलवान है बल्कि भारतीय सेना में हवलदार के पद पर कार्यरत है।

 

> “सिकंदर ने सौ से ज़्यादा मैच जीते हैं। वो गरीब घर से निकलकर अपनी मेहनत से यहां तक पहुँचा है। अगर कोई सिकंदर को रोकने की कोशिश कर रहा है तो मैं उनसे भी निवेदन करता हूँ — उसे न रोकें। उसके पिता को डायबिटीज़ है, माँ का ब्लड प्रेशर बढ़ गया है। हम बहुत परेशान हैं,”

उन्होंने कहा।

 

🔵 “सिकंदर की दोस्त कंपनी ने किया अन्याय”

 

राशिद शेख ने यह भी दावा किया कि सिकंदर को जानबूझकर फंसाया गया है।

 

> “सिकंदर पंजाब में ऐसा नहीं करेगा। किसी ने उसे ज़रूर धोखा दिया होगा। सिकंदर की दोस्त कंपनी ने उसके साथ अन्याय किया है। शायद यह सब इसलिए किया गया है ताकि वो आगामी हिंद केसरी प्रतियोगिता में हिस्सा न ले सके,”

राशिद शेख ने आरोप लगाया।

 

🔴 “सिकंदर को रिहा करो” – पिता की पुलिस से अपील

 

अंत में, राशिद शेख ने पंजाब पुलिस से सीधे अपील की —

 

> “सिकंदर ने कुछ नहीं किया है। कृपया उसे रिहा कर दो। पुलिस को शक दूर करके मेरे बेटे को जाने दो। उसके माता-पिता बहुत चिंतित हैं।”

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