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महाराष्ट्र का सच्चा पहलवान देवा भाऊ: भवानजी

• Thu Sep 04 2025 FAC News Desk

महाराष्ट्र का सच्चा पहलवान देवा भाऊ: भवानजी

भाजपा के वरिष्ठ हिंदुत्ववादी नेता और मुंबई के पूर्व उपमहापौर बाबूभाई भवानजी ने एक प्रेस नोट में कहा कि देवेंद्र फडणवीस एक बार फिर चाणक्य साबित हुए हैं।शरद पवार और उद्धव ठाकरे की ट्रोल आर्मी, खुद को प्रगतिशील बताने वाले, वामपंथी सोच रखने वाले, दिल में माओ की विचारधारा मानने वाले,फुले-शाहू-आंबेडकर के नाम पर राजनीति करने वाले — ये सारे लोग एकजुट होकर सिर्फ एक ही नेता को निशाना बना रहे थे। लेकिन वह युवा नेता डटा रहा। बिना डगमगाए, वह अपने कर्तव्य का पालन करता रहा। समाज के प्रति ऋण चुकाने की भावना से समाधान खोजता रहा। और अंततः उसने अपनी ईमानदारी सिद्ध कर दिखायी।

अईसे सफल नेतृत्वकर्ता हैं — देवेंद्र फडणवीस!

 

महाराष्ट्र में वर्षों तक बार-बार मराठा मुख्यमंत्री सत्ता में आए। लेकिन उन्होंने आरक्षण के विषय में कुछ करना तो दूर, करने की मानसिकता भी नहीं दिखाई।

 

पहले मराठा समाज के अनुशासित मोर्चे महाराष्ट्र ने देखे हैं। लेकिन इस बार का आंदोलन निंदनीय था। इसका उद्देश्य आरक्षण नहीं, बल्कि अराजकता फैलाना था। छत्रपति का भगवा हाथ में लेकर कानून की धज्जियाँ उड़ाने की योजना बनाई जा रही थी।

 

ऐसे हालात में राज्य के नेता देवेंद्र फडणवीस का संयम काबिल-ए-तारीफ है। उनके चेहरे पर तनाव की कोई झलक नहीं थी, उन्होंने पूरी स्थिति को शांति से संभाला। आंदोलन को भड़काने के लिए विरोधियों ने उन्हें गालियाँ दीं, उनकी माता का अपमान किया गया, लेकिन फडणवीस डगमगाए नहीं। उन्होंने सतही जवाब देकर वक्त नहीं बिताया। वे इस सामाजिक समस्या का स्थायी समाधान चाहते थे।

 

उनके लिए राजनीति से ज्यादा सामाजिक ज़िम्मेदारी महत्वपूर्ण है आरक्षण कोई गरीबी उन्मूलन योजना नहीं है — इसके लिए संवैधानिक आधार आवश्यक होता है। सरकार जो भी निर्णय ले, वह न्यायपालिका में टिक सके, इतना मजबूत होना चाहिए। उद्धव ठाकरे की अक्षमता महाराष्ट्र पहले ही देख चुका है। फडणवीस के पहले कार्यकाल में लिए गए आरक्षण से संबंधित निर्णयों को उद्धव ठाकरे टिकाए नहीं रख पाए।

 

देवेंद्र फडणवीस गैर-जिम्मेदार तरीके से कार्य नहीं कर सकते। वे हर मुद्दे का गहराई से अध्ययन करते हैं। सामाजिक विषयों को लेकर हमेशा गंभीर रहते हैं। इसीलिए जो वर्षों तक किसी से नहीं हो पाया, वह कर दिखाने की अद्भुत इच्छाशक्ति फडणवीस में है। मराठा आरक्षण पर उन्होंने जो समाधान निकाला, वह उनके दृष्टिकोण और मेहनत का परिणाम है।

 

जो लोग अराजकता फैलाना चाहते थे और फडणवीस को गालियाँ दे रहे थे, वे अब बिलों में छुप गए हैं। जो देवेंद्र फडणवीस ने कर दिखाया, उसे खुले मन से स्वीकारने का बड़प्पन वर्तमान विपक्ष में नहीं है। जिन्हें उन्होंने टारगेट किया, अब उन्हीं को श्रेय देना पड़ेगा। भले ही वे न दें, लेकिन जनता मूर्ख नहीं है। “पब्लिक सब जानती है!”

 

देवेंद्र फडणवीस वो नेता नहीं हैं जो ट्रोलिंग से डरकर भाग जाएं। उनके पास तर्क के साथ समाधान निकालने की कला है। संघर्ष का सामना करने की ताकत है। चाहे कितने भी षड्यंत्र रचे जाएं, उन्हें पलटने की ताकत उनमें है। कितनी बार मुँह के बल गिरोगे? अकेला देवेंद्र क्या कर सकता है — इसकी अनुभूति एक बार फिर तुम्हें हो चुकी है। कृपया हमारे नेता से पंगा मत लो!

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