मिठाइयों के बढ़ते दाम के साथ डिब्बों का वजन भी ग्राहकों की जेब पर भारी असर
मिठाइयों के बढ़ते दाम के साथ डिब्बों का वजन भी ग्राहकों की जेब पर भारी असर

संवाददाता फरियाद अली
जागरूकता की कमी और प्रशासनिक उदासीनता से परेशान उपभोक्ता
बहराइच तस्वीरों मे दिख रही ये मिठाई की दुकान
बंगाली मिष्ठान भंडार हुज़ूरपुर चौराहे की है त्योहारों के सीजन में मिठाई व्यवसायियों की मनमानी एक बार फिर चर्चा में है। दुकानदार न केवल मिठाइयों के दाम बढ़ा रहे हैं, बल्कि डिब्बों का अतिरिक्त वजन भी ग्राहकों से वसूल कर रहे हैं। इससे ग्राहकों पर दोहरी मार पड़ रही है—एक तरफ महंगी मिठाइयाँ, दूसरी तरफ खाली डिब्बे का भार भी मिठाई की कीमत के साथ जोड़कर बेचा जा रहा है।
स्थानीय बाजारों में जायजा लेने पर पाया गया कि कई दुकानदार 100 से 200 ग्राम तक के डिब्बे का वजन भी मिठाई के साथ जोड़कर बिल बना रहे हैं। उपभोक्ता अधिकारियों की अनदेखी का फायदा उठाकर यह खेल खुलेआम जारी है। यह प्रथा नई नहीं है, लेकिन पिछले दो वर्षों से इसका दायरा तेजी से बढ़ा है, जिससे ग्राहकों को हजारों रुपये का नुकसान झेलना पड़ रहा है।
प्रदेश सरकार की ओर से मिठाईयों की शुद्धता और वजन में धांधली करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई के निर्देश पहले ही जारी किए गए थे। इसके बावजूद आसपास के क्षेत्रों में विभागीय कार्रवाई का असर जमीन पर दिख नहीं रहा है। मिठाई व्यवसायी बिना किसी डर के मनमानी कर रहे हैं।
स्थानीय उपभोक्ताओं का कहना है कि वे पहले ही महंगाई से त्रस्त हैं, ऐसे में मिठाई खरीदते समय डिब्बे के वजन का बोझ उठाना और भी परेशान करने वाला है। वजन में गड़बड़ी करने वाले दुकानदारों के खिलाफ तत्काल छापेमारी की जाए और कड़ी दंडात्मक कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।
त्योहारों व शादियों के मौसम में मिठाई की बढ़ती खपत को देखते हुए यदि प्रशासन ने समय रहते कार्रवाई नहीं की, तो उपभोक्ता शोषण का यह सिलसिला यूं ही जारी रहेगा।
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