मुंबई: नवघर पुलिस ने मुलुंड (पूर्व) के गवनपाडा में शिवचंद्र SRA को-ऑपरेटिव हाउसिंग सोसाइटी के रीडेवलपमेंट में कथित गड़बड़ियों को लेकर M/s यशराज कॉर्पोरेशन के डायरेक्टर विजय पांचाल और अन्य के खिलाफ FIR दर्ज की है।FIR के मुताबिक, डेवलपर ने कथित तौर पर ज़रूरी ऑक्यूपेंसी सर्टिफिकेट (OC), लिफ्ट कंप्लीशन सर्टिफिकेट और दूसरी कानूनी मंज़ूरी लिए बिना ही रिहैबिलिटेशन और सेल बिल्डिंग में फ्लैट अलॉट कर दिए और लोगों को वहां रहने की इजाज़त दे दी।
डेवलपर पर यह भी आरोप है कि उसने स्कीम के तहत ज़रूरी नौ 'प्रोजेक्ट अफेक्टेड पर्सन्स' (PAP) टेनमेंट्स को स्लम रिहैबिलिटेशन अथॉरिटी (SRA) को नहीं सौंपा। यह शिकायत SRA के इंजीनियरिंग डिपार्टमेंट के डिप्टी इंजीनियर सचिन नारायण गायकवाड़ ने दर्ज कराई थी। 728.28 वर्ग मीटर के प्लॉट पर बने इस प्रोजेक्ट में एक रिहैबिलिटेशन बिल्डिंग (विंग A) और एक सेल बिल्डिंग (विंग B) शामिल हैं; दोनों का काम पूरा हो चुका है। इस स्कीम को M/s डिज़ाइन क्रेस्ट के आर्किटेक्ट सचिन गायकवाड़ ने डिज़ाइन किया था, जबकि M/s यशराज कॉर्पोरेशन इसके डेवलपर थे।
FIR के मुताबिक, SRA ने पाया कि लोग बिना OC (ऑक्युपेंसी सर्टिफिकेट) के ही इन बिल्डिंग्स में रह रहे थे। डेवलपर द्वारा नौ PAP (प्रोजेक्ट से प्रभावित लोगों के लिए) घर न सौंपने पर, SRA ने क्रमशः 1 अप्रैल और 4 मई को नोटिस जारी किए। डेवलपर को ये नोटिस मिल गए थे।
आरोपियों पर PAP फ्लैट्स को कथित तौर पर रोके रखने और बिना अधिकार के अलॉट करने के लिए SRA और पात्र झुग्गी-निवासियों के साथ धोखाधड़ी और आपराधिक विश्वासघात का मामला भी दर्ज किया गया है।

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