मुंबई में पत्रकारिता की आड़ में पारिवारिक माफिया — बाप, बेटा और भतीजा करते थे गैंगरेप और वसूली





मुंबई से एक बार फिर इंसानियत को शर्मसार करने वाला मामला सामने आया है। गोरेगांव इलाके में दो ऐसे खुंखार अपराधी गिरफ्तार हुए हैं जो पहले भी गैंगरेप और जबरन वसूली जैसे गंभीर अपराधों में लिप्त रह चुके हैं। सिराज चौधरी और वासिम चौधरी नाम के ये दोनों आरोपी खुद को पत्रकार बताकर समाज में घूमते थे, लेकिन असल में इनका असली धंधा था लोगों को ब्लैकमेल कर उनसे मोटी रकम वसूलना। इनके गिरोह में बाप, बेटा और भतीजा तीनों शामिल थे। यह पूरा गैंग लड़कियों को झूठे लालच देकर कहीं भेजता, फिर उन्हें ही ब्लैकमेल कर पैसे ऐंठता था। जब कोई विरोध करता तो धमकियों, वीडियो क्लिप्स और झूठे मामलों के जाल में फँसाकर चुप करा दिया जाता था। गोरेगांव पुलिस स्टेशन में 28 अक्टूबर 2025 को दर्ज नई एफआईआर में महिला ने इन पर सामूहिक बलात्कार का आरोप लगाया है। पुलिस ने तत्परता से कार्रवाई करते हुए दोनों को गिरफ्तार किया है। उन पर भा.दं.सं. की धारा 376(2)(n), 354-C, 506 और 34 के तहत मामला दर्ज किया गया है। पुलिस जांच में सामने आया है कि इन दोनों के खिलाफ पहले से ही कई गंभीर अपराध दर्ज हैं — जिनमें जबरन वसूली, बलात्कार और गैंगरेप जैसे संगीन मामले शामिल हैं। सिराज चौधरी पर नवी मुंबई, ठाणे और पुणे के अलग-अलग थानों में कई केस दर्ज हैं, जबकि वासिम चौधरी पर भी पुणे और नवी मुंबई में ब्लैकमेलिंग और वसूली के प्रकरण पहले से लंबित हैं। एक नजर दोनों बाप बेटे के आपराधिक रिकॉर्ड: सिराज चौधरी अपराध नंबर 0011/2022 — भा.दं.सं. 384, 34 (जबरन वसूली) — दिनांक: 03-01-2022 — पोलीस स्टेशन: नेरूळ, अपराध नंबर 1555/2024 — भा.दं.सं. 384, 385 (जबरन वसूली) — दिनांक: 14-11-2024 — पोलीस स्टेशन: कसरवडवली, ठाणे, 0362/2025 — भा.दं.सं. 70(1), 74, 79 (सामूहिक बलात्कार) — दिनांक: 14-05-2025 — पोलीस स्टेशन: वर्तक नगर, ठाणे, 0351/2025 — भा.दं.सं. 64, 64(2), 69 (बलात्कार) — दिनांक: 17-06-2025 — पोलीस स्टेशन: वाशी, नवी मुंबई, 0183/2025 — भा.दं.सं. 308(6), 3(5) (जबरन वसूली) — दिनांक: 15-06-2025 — पोलीस स्टेशन: सानपाडा, नवी मुंबई, 0453/2025 — (जबरन वसूली) — दिनांक: 26-08-2025 — पोलीस स्टेशन: वाशी, नवी मुंबई और बेटे वासिम चौधरी का आपराधिक रिकॉर्ड अपराध नंबर 0183/2025 — भा.दं.सं. 308(6), 3(5) (जबरन वसूली) — दिनांक: 15-06-2025 — पोलीस स्टेशन: सानपाडा, नवी मुंबई, 0099/2025 — भा.दं.सं. 3, 4, 5, 143, 3(5) (पीटा प्रकरण) — दिनांक: 13-05-2025 — पोलीस स्टेशन: बाणेर, पुणे, 0453/2025 — (जबरन वसूली) — दिनांक: 26-08-2025 — पोलीस स्टेशन: वाशी, नवी मुंबई साथ ही उनके साथ शामिल यश तिवारी जिस पर अपराध नंबर 0362/2025 — भा.दं.सं. 70(1), 74, 79 (सामूहिक बलात्कार) — दिनांक: 14-05-2025 — पोलीस स्टेशन: वर्तक नगर, ठाणे, इन सभी अपराधों के आधार पर पुलिस का मानना है कि यह गिरोह संगठित रूप से महिलाओं और आम नागरिकों को फँसाकर पैसों की उगाही करता था। पहले के मामलों में भी लगभग ₹43 लाख की वसूली का रिकॉर्ड सामने आ चुका है। ये वही लोग हैं जो कैमरे और माइक की आड़ में पत्रकारिता का मुखौटा पहनकर समाज को ठगते रहे, महिलाओं की अस्मिता से खेलते रहे और फिर पैसों की सौदेबाज़ी कर खुद को कानून से बचाते रहे।
अब सवाल यह है कि क्या इस बार पीड़ित महिलाओं को इंसाफ मिलेगा? या फिर महाराष्ट्र सरकार ऐसे दरिंदों को फिर से जमानत देकर किसी और की ज़िंदगी बर्बाद होने का इंतज़ार करेगी? समाज इन जैसे नकली पत्रकारों के असली चेहरे देख चुका है — अब वक्त है कि कानून भी इन्हें उनकी औकात दिखाए।
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