National

नाबालिग से दुष्कर्म के अभियुक्त को 10 वर्ष की सजा

• Fri Sep 12 2025 FAC News Desk

नाबालिग से दुष्कर्म के अभियुक्त को 10 वर्ष की सजा

रिपोर्ट – फरियाद अली

 

बहराइच, उ प्र 11 सितम्बर।

जनपद बहराइच की विशेष पॉक्सो न्यायालय ने नाबालिग से दुष्कर्म के मामले में दोषसिद्ध अभियुक्त को 10 वर्ष का कारावास और ₹70,000 के अर्थदण्ड से दण्डित किया है। यह कार्रवाई “ऑपरेशन कन्विक्शन” के तहत चिन्हित गंभीर अपराधों में त्वरित एवं अधिकतम दण्डात्मक कार्यवाही सुनिश्चित करने के लिए चलाए जा रहे विशेष अभियान के अंतर्गत की गई।

 

मामले के अनुसार वादी ने थाना नानपारा में रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि उसकी 15 वर्षीय पुत्री 18 फरवरी 2017 को अपनी बड़ी बहन के घर मेहमानी गई थी, जहां से अभियुक्त दंगल पुत्र सत्यनारायण उर्फ सतनाम निवासी बढ़ैया कला, थाना नानपारा, उसे बहला-फुसलाकर भगा ले गया। वादी की तहरीर पर पुलिस ने 26 मार्च 2017 को मुकदमा दर्ज कर कार्रवाई शुरू की।

 

तत्कालीन विवेचनाधिकारी उपनिरीक्षक विनोद पाण्डेय ने साक्ष्य एकत्रित कर गवाहों के बयान दर्ज किए और मामले में गंभीर धाराओं 363, 366, 376 भा.द.वि. एवं 3/4 पॉक्सो एक्ट में आरोप-पत्र न्यायालय को प्रेषित किया। 21 जुलाई 2017 को अदालत ने आरोप तय कर सुनवाई प्रारंभ की।

 

आज, लगभग आठ वर्ष लंबे न्यायिक प्रक्रिया के बाद, अपर सत्र न्यायाधीश/विशेष न्यायाधीश (पॉक्सो) बहराइच श्री दीपकान्त मणि ने अभियुक्त दंगल को दोषी पाते हुए कठोर सजा सुनाई। न्यायालय ने अभियुक्त को धारा 4(1) पॉक्सो एक्ट में 10 वर्ष का कारावास व ₹50,000 अर्थदण्ड, धारा 363 भा.द.वि. में 5 वर्ष का कारावास व ₹10,000 अर्थदण्ड तथा धारा 366 भा.द.वि. में 5 वर्ष का कारावास व ₹10,000 अर्थदण्ड से दण्डित किया। अर्थदण्ड न चुकाने की स्थिति में अभियुक्त को अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा।

 

इस प्रकरण में पुलिस की प्रभावी कार्यवाही और पैरवी उल्लेखनीय रही। पुलिस अधीक्षक बहराइच के निर्देशन में प्रभारी निरीक्षक थाना नानपारा, मॉनीटरिंग सेल पुलिस कार्यालय, जिला शासकीय अधिवक्ता संत प्रताप सिंह, कोर्ट मोहर्रिर कांस्टेबल बृजेश कुमार साहनी तथा थाना पैरोकार कांस्टेबल निसाह अहमद ने अदालत में ठोस पैरवी की, जिसके फलस्वरूप अभियुक्त को दोषसिद्ध कर सजा दिलाई गई।

जनपदीय पुलिस ने बताया कि “ऑपरेशन कन्विक्शन” के तहत ऐसे मामलों में त्वरित सुनवाई और अधिकतम सजा दिलाने पर विशेष जोर दिया जा रहा है, ताकि अपराधियों में भय का माहौल बने और पीड़ितों को न्याय मिल सके।

 

यह फैसला न केवल पीड़िता और उसके परिवार को न्याय दिलाने वाला है, बल्कि समाज के लिए भी एक संदेश है कि नाबालिगों के साथ जघन्य अपराध करने वालों को कठोर दंड से गुजरना पड़ेगा।

Share this story