नाबालिग से दुष्कर्म के दोषी को 10 साल की सजा, ₹1.40 लाख का जुर्माना
नाबालिग से दुष्कर्म के दोषी को 10 साल की सजा, ₹1.40 लाख का जुर्माना

रिपोर्ट – फरियाद अली / बहराइच उ प्र
बहराइच, उत्तर प्रदेश – “ऑपरेशन कन्विक्शन” के तहत चलाए जा रहे विशेष अभियान के अंतर्गत, बहराइच की एक विशेष पॉक्सो अदालत ने एक नाबालिग लड़की से दुष्कर्म के दोषी हलीम को 10 वर्ष के कठोर कारावास और ₹1,40,000 के जुर्माने की सजा सुनाई है। यह फैसला न्यायालय के त्वरित और अधिकतम दंडात्मक कार्रवाई के अभियान को दर्शाता है।
मामले की शुरुआत तब हुई जब 15 वर्षीय पीड़िता ने मटेरा थाने में हलीम के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई। शिकायत के अनुसार, हलीम ने पीड़िता को शादी का झांसा देकर बहलाया-फुसलाया और उसके साथ कई बार शारीरिक संबंध बनाए। इतना ही नहीं, उसने इस कृत्य का वीडियो भी बना लिया और बाद में इसे वायरल करने की धमकी देकर पीड़िता को मानसिक रूप से प्रताड़ित करने लगा।
शिकायत के आधार पर, पुलिस ने 8 फरवरी 2024 को हलीम के खिलाफ धारा 376(3) भादंवि, 3/4 पॉक्सो एक्ट और 66(E) आई.टी. एक्ट के तहत मामला दर्ज किया। तत्कालीन विवेचना अधिकारी, निरीक्षक परमानंद तिवारी ने साक्ष्य और गवाहों के बयानों के आधार पर 12 मार्च 2024 को हलीम के खिलाफ आरोप पत्र दाखिल किया।
मामले की सुनवाई करते हुए, अपर सत्र न्यायाधीश/विशेष न्यायाधीश (पॉक्सो) श्री दीपकान्त मणि की अदालत ने गहन विचार-विमर्श के बाद हलीम को दोषी ठहराया। पुलिस अधीक्षक, बहराइच के निर्देशन में, थाना मटेरा, मॉनिटरिंग सेल, जिला शासकीय अधिवक्ता श्री संत प्रताप सिंह और कोर्ट मोहर्रिर की प्रभावी पैरवी के कारण यह फैसला संभव हो पाया।
न्यायालय ने दोषी हलीम को निम्नलिखित सजा सुनाई:
* धारा 4(1) पॉक्सो एक्ट के तहत 10 वर्ष का कारावास और ₹1 लाख का जुर्माना। जुर्माना न देने पर 5 माह का अतिरिक्त कारावास।
* धारा 506 भादंवि के तहत 1 वर्ष का कारावास और ₹10,000 का जुर्माना। जुर्माना न देने पर 1 माह का अतिरिक्त कारावास।
* धारा 66(E) आई.टी. एक्ट के तहत 3 वर्ष का कारावास और ₹30,000 का जुर्माना। जुर्माना न देने पर 3 माह का अतिरिक्त कारावास।
यह फैसला समाज को एक कड़ा संदेश देता है कि ऐसे अपराधों को किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और अपराधियों को कड़ी सजा दी जाएगी।
Share this story