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फखरपुर में दिल दहला देने वाला हादसा, मासूम व महिला सहित चार की मौके पर मौत लापरवाह डंम्पर ने छीनी चार जिंदगियां, हाईवे पर मचा हाहाकार

• Wed Nov 05 2025 FAC News Desk

फखरपुर में दिल दहला देने वाला हादसा, मासूम व महिला सहित चार की मौके पर मौत

लापरवाह डंम्पर ने छीनी चार जिंदगियां, हाईवे पर मचा हाहाकार

संवाददाता फरियाद अली

 

बहराइच–लखनऊ नेशनल हाईवे पर बुधवार सुबह लगभग 6:10 बजे फखरपुर थाना क्षेत्र के मदन कोठी नरायनपुर पकडिया के पास भीषण सड़क हादसा हुआ। कोहरे के बीच रफ्तार का कहर उस समय आफत बनकर टूट पड़ा जब तेज रफ्तार डंम्पर ने मोटरसाइकिल को रौंदते हुए खाई में डाल दिया। हादसा इतना भयावह था कि एक मासूम बच्चे, एक महिला सहित चार लोगों की मौके पर ही दर्दनाक मौत हो गई।

 

प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, डंम्पर संख्या UP78JN9855 फखरपुर से बहराइच की ओर जा रहा था। कोहरे के कारण दृश्यता कम होने से डंम्पर चालक ने सामने चल रही रोडवेज बस को न देखा और बचाव में वाहन पहले बाईं फिर दाईं ओर ले गया। इसी दौरान सामने से आ रही मोटरसाइकिल (UP40BF9163) को डंम्पर ने कुचलते हुए कई मीटर तक घसीटा और वाहन खाई में जा गिरा। देखते ही देखते पूरा परिवार सड़क पर मौत के साये में समा गया।

 

मृतकों की पहचान

 

1. चन्द्र किशोर (35 वर्ष), पुत्र कुवारे सिंह, निवासी मानिकपुर भगवानपुर थाना नानपारा

2. करन (32 वर्ष), पुत्र राज कुमार

3. विक्की (30 वर्ष), पुत्र करन

4. श्रीमती सेनू (28 वर्ष), पत्नी करन

सभी निवासी: ललुही, थाना खैरीघाट, जनपद बहराइच

मृतकों में एक तीन वर्षीय मासूम भी शामिल बताया गया

 

हादसे के बाद मौके पर चीख-पुकार मच गई। सूचना पाकर थाना फखरपुर की पुलिस टीम मौके पर पहुंची, शवों को बाहर निकालकर कब्जे में लिया और डंम्पर चालक को गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस ने पोस्टमार्टम की कार्रवाई शुरू कर दी है तथा दुर्घटना के कारणों की जांच की जा रही है।

 

स्थानीय लोगों ने प्रशासन पर सवाल उठाते हुए कहा कि धुंध सीजन में हाईवे पर स्पीड कंट्रोल और चेतावनी व्यवस्था सख्ती से लागू नहीं होती, जिसका खामियाजा आम जनता को अपनी जान देकर भुगतना पड़ रहा है।

 

प्रशासन व ट्रैफिक विभाग कब जागेगा?

नेशनल हाईवे पर रोज बढ़ती दुर्घटनाएं किसी बड़ी लापरवाही की ओर संकेत करती हैं। कोहरे के मौसम में ट्रैफिक मॉनिटरिंग, स्पीड कंट्रोल, हेलमेट चेकिंग और भारी वाहनों पर सख्त निगरानी की तत्काल आवश्यकता है। मृतकों के परिवार अब न्याय के इंतजार में हैं और जनमानस सवाल पूछ रहा है कि आखिर जिम्मेदारी कब तय होगी।

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