फर्जी कोर्ट सील का इस्तेमाल कर नाबालिगों के प्रमाणपत्र बनाने के आरोप में दो और गिरफ्तार..
फर्जी कोर्ट सील का इस्तेमाल कर नाबालिगों के प्रमाणपत्र बनाने के आरोप में दो और गिरफ्तार………..

पनवेल शहर पुलिस ने पनवेल कोर्ट में फर्जी नाबालिग प्रमाणपत्र रैकेट के सिलसिले में मुंबई से दो और लोगों को गिरफ्तार किया है। आरोपियों की पहचान भिंडी बाजार निवासी मोहम्मद सलीम इलियाज शेख (42) और धारावी निवासी मोहम्मद मुमताज मकबूल हुसैन (32) के रूप में हुई है। पुलिस ने खुलासा किया कि दोनों ने मामले में शामिल एक वकील के लिए फर्जी कोर्ट सील तैयार की थी। दोनों को अदालत में पेश किया गया और पुलिस हिरासत में भेज दिया गया।
यह मामला तब सामने आया जब वाशी निवासी बिल्डर लाधवजी पटेल (57) को उल्वे सेक्टर-17 में जमीन खरीदने के लिए अदालत से नाबालिग प्रमाणपत्र की आवश्यकता थी। हालाँकि पटेल ने अदालत में आवेदन दायर किया था, लेकिन प्रक्रिया में देरी हुई। ओवले निवासी सागर घरात ने एक वकील के माध्यम से पटेल को आश्वासन दिया कि वह जल्द ही प्रमाणपत्र प्राप्त कर लेंगे। 10 सितंबर को घरात ने नाबालिग प्रमाणपत्र के साथ अदालत के आदेश की एक प्रति पटेल को सौंपी। जब अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश डी.ई. कोथलीकर के हस्ताक्षर और मुहर वाले दस्तावेज़ की पनवेल अदालत में जाँच की गई, तो वह पूरी तरह से फर्जी पाया गया। पटेल ने अपने वकील के माध्यम से घरात को अदालत में पेश किया, जहाँ उन्होंने दावा किया कि यह दस्तावेज़ खारघर के वकील वी.के. शर्मा ने उपलब्ध कराया था। इसके बाद, पुलिस ने शर्मा पर जालसाजी का मामला दर्ज किया और 15 सितंबर को उन्हें गिरफ्तार कर लिया।
बाद की जाँच में पता चला कि शर्मा ने सलीम शेख और मुमताज हुसैन से नकली मुहरें हासिल की थीं। पुलिस को यह भी पता चला कि दोनों ने एक दिव्यांग व्यक्ति के ज़रिए ये मुहरें बनवाई थीं, जिसे अब नोटिस जारी कर दिया गया है।
सहायक पुलिस निरीक्षक सचिन पोवार ने कहा, “यह नकली अदालती मुहरों और आदेशों से जुड़ा जालसाजी का एक गंभीर मामला है। आगे की जाँच जारी है।”
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