सरकारी कर्मचारियों की लापरवाही, उदासीनता, भ्रष्टाचार और मनमानी भी है भारत के पिछड़ेपन का कारण: भवानजी

मुंबई: वरिष्ठ भाजपा नेता और मुंबई के पूर्व उप महापौर बाबूभाई जी ने कहा है कि भारत के पिछड़ेपन का प्रमुख कारण देश भक्ति की कमी, स्कूलों में सीखना चाहिए ईमानदारी/कर्तव्य का पाठ, सरकारी अधिकारी कर्मचारियों , लोकप्रतिनिधि की लापरवाही उदासीनता, भ्रष्टाचार, तानाशाही और मनमानी भी है। उन्होंने कहा भारत के सरकारी कर्मचारी सुधरने का नाम नहीं ले रहे हैं। वे अपने को राजा समझते हैं और जनता को गुलाम समझते हैं। कर्मचारियों के व्यवहार में परिवर्तन लाए बिना देश का और लोगों का भला नहीं हो सकता है। इसके लिए एक ओर लड़ाई लड़नी होगी
दादर में आयोजित एक कार्यक्रम में मुख्य वक्ता के रूप में बोलते हुए उन्होंने कहा कि सरकारी कार्यालयों में कोई भी काम बिना लेनदेन/चक्कर लगाए पूरा नहीं होता। कर्मचारी/अधिकारी अपनी कुर्सी पर कम बाहर ज्यादा रहते हैं। वे नौकरी जाने के भय से मुक्त रहते हैं। सरकारी काम की एक अवधि निर्धारित होनी चाहिए, (जो फैलो को दबाकर रखते है) उस अवधि तक कार्य पूरा नहीं होने पर संबंधित कर्मचारी के खिलाफ कड़ी कार्रवाई होनी चाहिए। छोटे बड़े सभी अधिकारियों को भी नियमों का पालन करते हुए अपने अधीनस्थ कर्मचारियों के समक्ष आदर्श प्रस्तुत करना चाहिए।
भवानजी ने कहा कि सरकारी कर्मचारी और अधिकारी यदि स्वयं ही जिम्मेदार बन जाएं, तो आरटीआइ की उपयोगिता, जवाबदेही कानून की जरूरत भी समाप्त हो सकती है। दूसरा विकल्प यह है कि प्रत्येक कार्य, पत्रावली को त्वरित कार्य निष्पादन के लिए तय समय सीमा में कर्मचारी अधिकारी के सेवा पहचान नम्बर को लिखना अनिवार्य किया जाना चाहिए। समय पर कार्य निष्पादन में बाधक बनने पर आर्थिक दंड का भी प्रावधान किया जाना चाहिए।
उन्होंने कहा कि यदि नियंत्रक अधिकारी सख्त अनुशासन और निरीक्षण पर ध्यान दें, तो अधीनस्थ कर्मचारी पूर्ण अनुशासित होकर काम करेंगे। साथ ही समयबद्धता, अनुशासन और ईमानदारी पर कार्यशालाएं आयोजित करके कर्मचारियों को प्रेरित किया जाना चाहिए। स्थानान्तरण नीति सुस्पष्ट और पारदर्शी होनी चाहिए। राजनीतिक दखल नहीं होना चाहिए। समर्पित और कर्मठ अधिकारी-कर्मचारियों का सम्मान होना चाहिए। कार्यालय में कार्य-विभाजन निष्पक्षता पूर्वक होना चाहिए।
उन्होंने कहा कि सरकारी कर्मचारियों का जिक्र आते ही जेहन में उनकी कार्यशैली को लेकर नकारात्मक छवि उभर कर सामने आती है। अब कंप्यूटर पर ही सारा काम होना चाहिए। कागज-कलम के इस्तेमाल को रोका जाना चाहिए। साथ कर्मचारियों की हर विभाग में बायो मैट्रिक्स से उपस्थिति दर्ज होनी चाहिए। सरकार सभी कर्मचारियों की समय-समय पर ट्रेनिंग करवाएं।
उन्होंने कहा कि सरकारी कर्मचारियों की कार्यशैली पर सवाल उठते रहते हैं, लेकिन सरकार इस दिशा में कड़े कदम नहीं उठा रही है। सरकार को सरकारी कर्मचारियों की कार्यशैली में सुधार लाने के लिए हर कार्यालयों में पंचिंग सिस्टम लागू करना चाहिए और देर से कार्यालयों में आने वालों के लिए सख्त कदम उठाने चाहिए।* *कर्मचारियों के लिए ड्रेस कोड लागू करना चाहिए और इनकी पहचान के लिए आइडी कार्ड दिया जाना चाहिए। शिकायत व सुझाव के लिए हर विभाग का नंबर जारी किया जाना चाहिए। साथ ही कार्यालय में शिकायत व सुझाव पेटी रखी जानी चाहिए। इन दोनों माध्यमों से प्राप्त शिकायतों का तय समय सीमा में निराकरण हो।
उन्होंने कहा कि कर्मचारियों के ऑफिस टाइम में सुधार करके देरी से आने वालों को पाबंद करें। कर्मचारियों का रिपोर्ट कार्ड अधिकारियों तक पहुंचे, ताकि यह पता चले कि कर्मचारी क्या कार्य कर रहा है और ऑफिस में कितना समय दे रहा है। जनता से कर्मचारियों का अच्छा व्यवहार भी मायने रखता है।* *लापरवाह कर्मचारियों के खिलाफ विभाग सख्त कार्रवाई करे।ओर तमाम मंत्री जन प्रतिनिधी, और सरकारी अधिकारी, कर्मचारी का आमदानि का ऑडिट हो,ओर सार्वजनिक हो।
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